कलम से देश मे कुछ खास लिखने को,
किसी के दर्द को क्रान्ति की आवाज लिखने को
जमा बॅठा था सदीयों से नसों मे बर्फ बनकर ये,
कलम के वासते ये रक्त मिला है आज लिखने को
किसी के दर्द को क्रान्ति की आवाज लिखने को
जमा बॅठा था सदीयों से नसों मे बर्फ बनकर ये,
कलम के वासते ये रक्त मिला है आज लिखने को
No comments:
Post a Comment